-
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी -
आषाढ़ी एकादशी
आषाढ़ी एकादशी (जिसे देवशयनी एकादशी या महा एकादशी भी कहा जाता है) महाराष्ट्र के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है। यह त्योहार श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर के मुख्य देवता विठोबा (भगवान विट्ठल) को समर्पित है। यह आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी (11वें दिन) को मनाई जाती है और प्रसिद्ध आषाढ़ी वारी तीर्थयात्रा का समापन इसी दिन होता है।